Archive for September, 2013

जनाब दिल तो फिसलता है janab dil to

September 28, 2013

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जनाब दिल तो फिसलता है 
कभी वो मुड को ठीक भी करता है 
पर अब ये सब दिखावा है 
पर मुझे इसपर काफी शिकवा है 

वो कहा क्यों नहीं मानता है?
क्यों उसे फुल ही अच्छे लगते है?
क्यों जनाब गुलाब देखकर मंडराने लगते है ?
असल में मानो हमारी कुछ हैसियत ही नहीं रखते है 

खेर मचलना उनका काम है 
उनपर काबू पाना हमारा काम है 
हम उनकी हर बात मान नहीं सकते 
अपने आपको सब के बीच गीरा नहीं सकते 

हम भी मानते है हुस्न की क़दर करना चाहिए 
वक्त आने पर दूर से ही तसल्ली कर लेनी चाहिए
जब आप हर चाही चीज़ को पा नहीं सकते 
तो उसके पीछे पागलपन दिखाना हम कुबूल नहीं कर सकते 

जनाब हम कोई ऐरे गेरे तो है नहीं 
जब भी कुछ देख लिया बस मान लिया सही 
दुम हिलाने लगे और कर दिया हिन् साबित 
हम भी दिखा देंगे की हम भी है काबिल 

दिल हमारा भी तरसता है 
जैसे बादल जी भरके बरसता है 
कौन नहीं चाहेगा अपने अरमानों को पूरा करना?
अब आप ही बताये हमें क्या है करना?

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Man is stage actor

September 28, 2013

Man is stage actor

In normal terms
Man always face ugly turn
Women come down heavily 
Offer all kinds of curses readily 

Man is stage actor
As he is main character
Sometimes life demands him to be villain 
As he has to share the burden and pain 

I come across under heavy criticism 
From womenfolk regarding humanism 
Man is made scapegoat 
And allowed in deep attack to float

He has been termed as fake
As if to get girl is simple cake 
No one blames woman 
As man is considered an architect of mesmerism 

Let us not be one sided victim 
God has made him powerful as man 
Some of flaws may always remain 
As it is his exclusive domain 

Ladies too prove powerful
They are successful too
No man can ever dream of violating
Her sanctity and start flirting 

Life is mainly dependent of two wheels
Nothing can be done against will
If both agree then only sin is committed
Both male and female will have to be equatedImageau

मुझे सुख दे रहा था mujhe sukh

September 28, 2013

मैंने उसे चुना 
पर ताना बाना उसने बुना 
ना किया कभी दिल से मना 
फिर भी कमा ली इज्जत और ना मना 

भगिनी बनकर साथ निभाया 
मेरे रोते हुए चेहरों को हंसाया 
जीवन के हर मोड़ पर खड़ी रही 
खुद भूखी रही पर मुझे खिलाती रही 

मेरा चेहरा उसे देखकर खिल जाता है 
इसलिए नहीं की वो खुबसूरत है 
मेरे जीवन में शांति की लहर प्रदान की है 
पर गमगीनी को नेस्तनाबूद भी कर दी है 

मेरे हर काम में उसने खूब मदद की 
हरदम मैंने उसे पाया और राहत की साँस ली 
वो खुद अडिग रही और मुझे प्रोत्साहन देती रही 
क्या खूब सहनशील थी वो मुझे भी सहन करती रही 

मैंने कभी उसे हिन् नजरों से नहीं देखा 
जब भी पाया उसके अधरों से अमृत ही पाया 
गजब था उसका धेर्य और थी ममताभरी 
मेतो बस देखकर ही हो जाता था वारी वारी 

सब कहेंगे मुझे ‘ये बहुघेला है’
पीछे पीछे दौड़ने वाला रसीला है 
कहीं हमारे घर में उसका चेप न लगा दे? 
उसे बस दूर ही रखो कही इधर भी आग ना लगा दे 

में धीरे से हंस देता था 
मुझे उनसे कुछ लेना देना नहीं था 
वो उनका ख़याल था जो उन्हें सता रहा था 
मेरा घर तो आबाद था जो Image

Combine and see

September 24, 2013

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Combine and see

Love me
And fee free
There is no other go
As I am rainbow

I shall spread
My wings to read
Different colors
Each has its story and honor

I am one
And represent none
I stand for all
Love is only call

I absorb color
And speak for
Never align with single one
Combine and see in rainy season

Black is powerful
Almost successful
Liked by all and feel great
Love it most and never hate

White stands for peace
Life is at ease
Harmony and love
Things like this to believe

Red in flower
Choice of lover
Fragrance to smell
And experience to tell